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मंकीपॉकà¥à¤¸ रोग: कारण, लकà¥à¤·à¤£, उपचार और रोकथाम
अवलोकन
इस महीने (मई 2022) कई देशों में मंकीपॉकà¥à¤¸ के मामले सामने आठहैं। यह वायरस यूरोप और उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमेरिका में तेजी से फैल रहा है। यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने मई 2022 के पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से दà¥à¤°à¥à¤²à¤ वायरस के 20 मामलों की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की है।
13 मई 2022 के बाद से, 12 सदसà¥à¤¯ राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ को मंकीपॉकà¥à¤¸ के मामलों की सूचना मिली है जो तीन डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस के लिठसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• नहीं हैं।
विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“) ने इस वायरस के संचरण और टीकों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठमंकीपॉकà¥à¤¸ पर चरà¥à¤šà¤¾ करने के लिठà¤à¤• आपातकालीन बैठक बà¥à¤²à¤¾à¤ˆ है।
मंकीपॉकà¥à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ है?
मंकीपॉकà¥à¤¸ à¤à¤• वायरल ज़ूनोसिस है जो जानवरों से मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ में फैलता है, जिसके लकà¥à¤·à¤£ चेचक के समान होते हैं लेकिन चिकितà¥à¤¸à¤•ीय रूप से कम गंà¤à¥€à¤° होते हैं।
रोग नियंतà¥à¤°à¤£ और रोकथाम केंदà¥à¤° (सीडीसी) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, मंकीपॉकà¥à¤¸ को पहली बार 1958 में डेनिश पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला में बंदरों में और फिर 1970 में कांगो लोकतांतà¥à¤°à¤¿à¤• गणराजà¥à¤¯ में मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ में पहचाना गया था। बाद के वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में, मधà¥à¤¯ और पशà¥à¤šà¤¿à¤® अफà¥à¤°à¥€à¤•ा के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में मंकीपॉकà¥à¤¸ का पà¥à¤°à¤•ोप बढ़ गया है।
मंकीपॉकà¥à¤¸ à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ बीमारी है जो मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पशà¥à¤šà¤¿à¤® और मधà¥à¤¯ अफà¥à¤°à¥€à¤•ा में होती है, जो अकà¥à¤¸à¤° उषà¥à¤£à¤•टिबंधीय वरà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¨à¥‹à¤‚ के निकट होती है। हालाà¤à¤•ि, उन शहरी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ सहित अफà¥à¤°à¥€à¤•ा में मामलों की संखà¥à¤¯à¤¾ बढ़ रही है, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पहले इन संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ को नहीं देखा है।
यूरोपीय देशों में 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मामलों के साथ, डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ ने मंकीपॉकà¥à¤¸ के वैशà¥à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•ोप की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की और वायरस को अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ चिंता का सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ आपातकाल (पीà¤à¤šà¤ˆà¤†à¤ˆà¤¸à¥€) घोषित करने वाली बीमारी के लिठअपने उचà¥à¤šà¤¤à¤® सà¥à¤¤à¤° की चेतावनी दी।
यह रोग मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस के कारण होता है, वही वायरस परिवार (वेरियोला वायरस) जो चेचक का कारण बनता है।
मंकीपॉकà¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ चेचक के समान होते हैं लेकिन हलà¥à¤•े होते हैं। दà¥à¤°à¥à¤²à¤ रूप से घातक, यह रोग चिकनपॉकà¥à¤¸ से संबंधित नहीं है।
मंकीपॉकà¥à¤¸ और कहाठपाया जाता है?
कई सालों से मंकीपॉकà¥à¤¸ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° अफà¥à¤°à¥€à¤•ा में देखा गया था। हालाà¤à¤•ि, यह कà¤à¥€-कà¤à¥€ अनà¥à¤¯ देशों में à¤à¥€ पाया जाता है। वरà¥à¤· 2022 दकà¥à¤·à¤¿à¤£-पूरà¥à¤µ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° सहित यूरोप, अमेरिका, ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ सहित अफà¥à¤°à¥€à¤•ा के बाहर के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में मंकीपॉकà¥à¤¸ का पà¥à¤°à¤•ोप लेकर आया। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में, मंकीपॉकà¥à¤¸ रोग का पà¥à¤°à¤•ोप, जिसे डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ ने “असामानà¥à¤¯â€ करार दिया है, ने 74 देशों में लगà¤à¤— 17,000 लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया है।
डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ के दकà¥à¤·à¤¿à¤£-पूरà¥à¤µ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में मंकीपॉकà¥à¤¸ का पहला मामला à¤à¤¾à¤°à¤¤ से सामने आया था – à¤à¤• 35 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में जो मधà¥à¤¯ पूरà¥à¤µ से आया था। दिलà¥à¤²à¥€ में हाल ही में 24 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ, 2022 को मंकीपॉकà¥à¤¸ के à¤à¤• मामले की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ के साथ (डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ चिंता का सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ आपातकाल घोषित किठजाने के à¤à¤• दिन बाद) à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने अपना चौथा मामला दरà¥à¤œ किया। दिलà¥à¤²à¥€ का ताजा मामला à¤à¤• 31 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का है, जिसका कोई विदेश यातà¥à¤°à¤¾ इतिहास नहीं है।
मंकीपॉकà¥à¤¸ किसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है?
जबकि अधिकांश मामले अफà¥à¤°à¥€à¤•ा में 15 वरà¥à¤· से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में हैं, किसी à¤à¥€ आयॠवरà¥à¤— में किसी को à¤à¥€ मंकीपॉकà¥à¤¸ रोग हो सकता है। अफà¥à¤°à¥€à¤•ा के बाहर, पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के साथ यौन संबंध रखने वाले पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में यह बीमारी अधिक आम है। हालांकि, इस शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में नहीं आने वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कई मामले देखे जाते हैं।
मंकीपॉकà¥à¤¸ का कà¥à¤¯à¤¾ कारण है?
मंकीपॉकà¥à¤¸, मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस के कारण होता है, à¤à¤• डबल-सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤‚डेड डीà¤à¤¨à¤ वायरस (पॉकà¥à¤¸à¤µà¤¿à¤°à¤¿à¤¡à¥‡ परिवार का जीनस ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‰à¤•à¥à¤¸à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸)। सीडीसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, वायरस अनà¥à¤¯ ‘पॉकà¥à¤¸â€™ वायरस से निकटता से संबंधित है जैसे:
वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (चेचक के टीके के लिठपà¥à¤°à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤)
वेरियोला मेजर और माइनर (जिससे चेचक होता है)
चेचक वायरस
वायरस (मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पशà¥à¤šà¤¿à¤® और मधà¥à¤¯ अफà¥à¤°à¥€à¤•ा के उषà¥à¤£à¤•टिबंधीय वरà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¨ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पाया जाता है) को सबसे पहले बंदी बंदरों में पहचाना गया था। दो उप-पà¥à¤°à¤•ार के वायरस कांगो बेसिन और पशà¥à¤šà¤¿à¤® अफà¥à¤°à¥€à¤•ी कà¥à¤²à¥ˆà¤¡ हैं जो à¤à¥Œà¤—ोलिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ से मेल खाते हैं।
बंदरों के साथ, अफà¥à¤°à¥€à¤•ी गिलहरियों और गैमà¥à¤¬à¤¿à¤¯à¤¨ पाउच वाले चूहों में à¤à¥€ वायरस की पहचान की गई थी। à¤à¥‹à¤œà¤¨ के रूप में इन जानवरों का उपयोग मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ में संचरण का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हो सकता है।
à¤à¤• अपॉइंटमेंट बà¥à¤• करें
मनà¥à¤·à¥à¤¯ à¤à¤• जानवर से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो सकता है:
खरोंच/काटना।
बà¥à¤¶à¤®à¥€à¤Ÿ तैयारी।
किसी संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ जानवर के शारीरिक तरल पदारà¥à¤¥ या घाव सामगà¥à¤°à¥€ के संपरà¥à¤• में आने से
कहा जाता है कि वायरस शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पथ, टूटी तà¥à¤µà¤šà¤¾, या मà¥à¤‚ह, नाक या आंखों के शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤® à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ के माधà¥à¤¯à¤® से शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है।
à¤à¤• बार जब कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाता है, तो परिवार के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ-साथ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा होता है। वायरस हवाई (शà¥à¤µà¤¸à¤¨) संपरà¥à¤• या संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शारीरिक तरल पदारà¥à¤¥ के सीधे संपरà¥à¤• से फैल सकता है।
कà¥à¤› संकेत हैं कि यौन संपरà¥à¤• के दौरान या दूषित बिसà¥à¤¤à¤° जैसी घाव सामगà¥à¤°à¥€ के अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· संपरà¥à¤• के कारण संचरण हो सकता है। पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° के जोखिम कारकों में संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के बिसà¥à¤¤à¤° या कमरे को साà¤à¤¾ करना, या संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उपयोग किठजाने वाले समान बरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का उपयोग करना शामिल है। बढ़ा हà¥à¤† संचरण जोखिम उन कारकों से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है जिनमें मौखिक शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤® में वायरस की शà¥à¤°à¥‚आत शामिल है।
मंकीपॉकà¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ और लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
मंकीपॉकà¥à¤¸ के लिठसंकà¥à¤°à¤®à¤£ से लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ (ऊषà¥à¤®à¤¾à¤¯à¤¨ अवधि) तक का समय आम तौर पर 6 से 13 दिनों का होता है, लेकिन यह 5 से 21 दिनों तक हो सकता है।
संकà¥à¤°à¤®à¤£ के साथ शà¥à¤°à¥‚ होता है:
सिरदरà¥à¤¦
बà¥à¤–ार
पीठदरà¥à¤¦
मांसपेशियों के दरà¥à¤¦
ठंड लगना
थकावट
सूजी हà¥à¤ˆ लसीका गà¥à¤°à¤‚थियां
रोग को दो अवधियों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया जा सकता है:
आकà¥à¤°à¤®à¤£ की अवधि, जो 0-5 दिनों के बीच रहती है, तीवà¥à¤° सिरदरà¥à¤¦, बà¥à¤–ार, पीठदरà¥à¤¦, लिमà¥à¤« नोडà¥à¤¸ की सूजन (लिमà¥à¤«à¤¾à¤¡à¥‡à¤¨à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€), मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ (मायलगिया) और ऊरà¥à¤œà¤¾ की कमी (तीवà¥à¤° असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾) की विशेषता है। अनà¥à¤¯ बीमारियों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जो शà¥à¤°à¥‚ में समान दिख सकती हैं (चेचक, चेचक, खसरा), लिमà¥à¤«à¥ˆà¤¡à¥‡à¤¨à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ मंकीपॉकà¥à¤¸ संकà¥à¤°à¤®à¤£ की à¤à¤• विशिषà¥à¤Ÿ विशेषता है।
आमतौर पर बà¥à¤–ार आने के 1-3 दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤° तà¥à¤µà¤šà¤¾ का फटना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। दाने चेहरे पर अधिक केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है, न कि धड़ पर। यह 75% मामलों में हाथों की हथेलियों और पैरों के तलवों को और 95% मामलों में चेहरे को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। यह 70% मामलों में मौखिक शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤¾ à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, 30% में जननांग और कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ सहित 20% मामलों में कंजंकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। दाने à¤à¤• सपाट आधार (मैकà¥à¤¯à¥‚लà¥à¤¸) के घावों से कà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• रूप से विकसित होते हैं, जो थोड़े उà¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ फरà¥à¤® घावों (पपà¥à¤¯à¥‚लà¥à¤¸), सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ तरल पदारà¥à¤¥ (पà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ाओं) से à¤à¤°à¥‡ घावों, पीले रंग के तरल पदारà¥à¤¥ (पसà¥à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚लà¥à¤¸) से à¤à¤°à¥‡ घावों और कà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤¸ जो सूख जाते हैं और गिर जाते हैं। घावों की संखà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤› से कई हजार तक à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती है। कई मामलों में, घाव तब तक जमा हो सकते हैं जब तक कि तà¥à¤µà¤šà¤¾ के बड़े हिसà¥à¤¸à¥‡ ढीले नहीं हो जाते।
आमतौर पर, मंकीपॉकà¥à¤¸ 2 से 4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक चलने वाले लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ à¤à¤• सà¥à¤µ-सीमित बीमारी है। हालांकि, गंà¤à¥€à¤° मामले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक सामानà¥à¤¯ रूप से हो सकते हैं और रोगी के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, जटिलताओं की पà¥à¤°à¤•ृति और वायरस के संपरà¥à¤• की सीमा से संबंधित होते हैं। किसी à¤à¥€ अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ की कमी के कारण बदतर परिणाम हो सकते हैं।
जबकि चेचक के खिलाफ टीकाकरण पहले सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• था, आज 40 से 50 वरà¥à¤· से कम उमà¥à¤° के लोग, अपने देश के आधार पर, इस बीमारी के उनà¥à¤®à¥‚लन के बाद दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में चेचक टीकाकरण अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ समापà¥à¤¤ होने के कारण मंकीपॉकà¥à¤¸ रोग के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।
मंकीपॉकà¥à¤¸ रोग का मृतà¥à¤¯à¥ अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• रूप से सामानà¥à¤¯ आबादी में 0 – 11% से लेकर छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक रहा है। हालाà¤à¤•ि, हाल के दिनों में केस मृतà¥à¤¯à¥ अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ लगà¤à¤— 3 – 6% रहा है।
मंकीपॉकà¥à¤¸ की जटिलताओं कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
मंकीपॉकà¥à¤¸ की जटिलताओं में माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£, सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸, बà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤•ोपमोनिया, à¤à¤¨à¥à¤¸à¥‡à¤«à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और बाद में दृषà¥à¤Ÿà¤¿ के नà¥à¤•सान के साथ कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का संकà¥à¤°à¤®à¤£ शामिल हैं।
यदि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है, तो जनà¥à¤® दोष या मृत जनà¥à¤® हो सकता है। बचपन में चेचक के टीके लगवाने वालों में यह रोग हलà¥à¤•ा हो सकता है।
याद रखें, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान चेचक या मंकीपॉकà¥à¤¸ के टीके को उपयोग के लिठअनà¥à¤®à¥‹à¤¦à¤¿à¤¤ नहीं किया गया है।
मंकीपॉकà¥à¤¸ कैसे फैलता है?
मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस तब फैलता है जब कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ किसी इंसान, जानवर या वायरस से दूषित किसी à¤à¥€ सामगà¥à¤°à¥€ के वायरस के संपरà¥à¤• में आता है। यह वायरस मानव शरीर में शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पथ, शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤¾ à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ (मà¥à¤‚ह, आंख या नाक) या यहां तक ​​कि टूटी हà¥à¤ˆ तà¥à¤µà¤šà¤¾ (हालांकि दिखाई नहीं देता) के माधà¥à¤¯à¤® से पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है।
मंकीपॉकà¥à¤¸ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में फैल सकता है, लेकिन यह कम आम है। परà¥à¤¸à¤¨-टू-परà¥à¤¸à¤¨ सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¡ (टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिशन) तब होता है जब आप संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के घावों, पपड़ी, सांस की बूंदों या मौखिक तरल पदारà¥à¤¥ के संपरà¥à¤• में आते हैं, आमतौर पर गले लगाने, चà¥à¤‚बन या सेकà¥à¤¸ जैसी करीबी, अंतरंग सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से। शोध जारी है, लेकिन शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं को यकीन नहीं है कि वायरस वीरà¥à¤¯ या योनि तरल पदारà¥à¤¥ के माधà¥à¤¯à¤® से फैलता है।
आप हाल ही में दूषित सामगà¥à¤°à¥€ जैसे कपड़े, बिसà¥à¤¤à¤° और संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ या जानवर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उपयोग किठजाने वाले अनà¥à¤¯ लिनेन के संपरà¥à¤• में आने से à¤à¥€ मंकीपॉकà¥à¤¸ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सकते हैं।
पशà¥-से-मानव संचरण
मंकीपॉकà¥à¤¸ à¤à¤• खरोंच या काटने, रकà¥à¤¤ के साथ सीधे संपरà¥à¤•, संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ जानवर के शारीरिक तरल पदारà¥à¤¥ या चेचक के घावों (घावों) या घाव सामगà¥à¤°à¥€ के साथ अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· संपरà¥à¤•, जैसे दूषित बिसà¥à¤¤à¤° और बà¥à¤¶à¤®à¥€à¤Ÿ की तैयारी के माधà¥à¤¯à¤® से जानवर से मानव में फैल सकता है। ‘बà¥à¤¶à¤®à¥€à¤Ÿâ€™ शबà¥à¤¦ कचà¥à¤šà¥‡ या नà¥à¤¯à¥‚नतम संसाधित मांस को संदरà¥à¤à¤¿à¤¤ करता है जो जंगली जानवरों से आता है।
मानव से मानव संचरण
माना जाता है कि मंकीपॉकà¥à¤¸ मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से बड़ी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ बूंदों के माधà¥à¤¯à¤® से मानव से मानव में फैलता है। आम तौर पर, शà¥à¤µà¤¸à¤¨ की बूंदें कà¥à¤› फीट से अधिक यातà¥à¤°à¤¾ नहीं कर सकती हैं। इसलिà¤, वायरस को फैलने के लिठलंबे समय तक आमने-सामने संपरà¥à¤• की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। मानव-से-मानव संचरण तब à¤à¥€ हो सकता है जब कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के घावों, पपड़ी या मौखिक तरल पदारà¥à¤¥ के संपरà¥à¤• में आता है, आमतौर पर करीबी, अंतरंग सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे कि गले लगाने, चà¥à¤‚बन या सेकà¥à¤¸ के माधà¥à¤¯à¤® से। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ चल रहे हैं लेकिन शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं को यकीन नहीं है कि वायरस वीरà¥à¤¯ या योनि तरल पदारà¥à¤¥ के माधà¥à¤¯à¤® से संचारित हो सकता है। अनà¥à¤¯ मानव-से-मानव संचरण मोड में घाव सामगà¥à¤°à¥€ जैसे लिनन और वायरस से दूषित कपड़ों के साथ अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· संपरà¥à¤• शामिल है।
मंकीपॉकà¥à¤¸ आमतौर पर 2-4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक रहता है और जब तक दाने पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते और तà¥à¤µà¤šà¤¾ की à¤à¤• नई परत नहीं बन जाती, तब तक यह लकà¥à¤·à¤£ विकसित होने तक फैल सकता है। सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶à¥‹à¤¨à¥à¤®à¥à¤– लोग या जिनके पास मंकीपॉकà¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ नहीं हैं, वे वायरस को दूसरों तक नहीं पहà¥à¤‚चा सकते हैं।
जबकि अफà¥à¤°à¥€à¤•ी कृनà¥à¤¤à¤•ों को पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° में à¤à¤• à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¨à¥‡ का संदेह है, मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस का मà¥à¤–à¥à¤¯ रोग वाहक (या जलाशय मेजबान) अà¤à¥€ à¤à¥€ अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ है।
मंकीपॉकà¥à¤¸ का निदान कैसे किया जाता है?
चूंकि मंकीपॉकà¥à¤¸ à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ बीमारी है, इसलिठआपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को पहले चेचक, चेचक या खसरा जैसी अनà¥à¤¯ दाने वाली बीमारियों पर संदेह हो सकता है। हालांकि, सूजी हà¥à¤ˆ लिमà¥à¤« नोडà¥à¤¸ (लिमà¥à¤«à¥ˆà¤¡à¥‡à¤¨à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€) आम तौर पर मंकीपॉकà¥à¤¸ को अनà¥à¤¯ चेचक से अलग करती हैं।
मंकीपॉकà¥à¤¸ का निदान करने के लिà¤, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के खà¥à¤²à¥‡ घाव (घाव) से à¤à¤• ऊतक का नमूना लेता है और इसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रूप से (राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ और अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ आवशà¥à¤¯à¤•ताओं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°) उपयà¥à¤•à¥à¤¤ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ वाली पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला में पहà¥à¤‚चाता है। पॉलीमरेज़ चेन रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ (पीसीआर) इसकी संवेदनशीलता और सटीकता को देखते हà¥à¤ सबसे पसंदीदा लैब टेसà¥à¤Ÿ है। फिर, संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस या à¤à¤‚टीबॉडी की जांच के लिठरकà¥à¤¤ का नमूना देना पड़ सकता है जो उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ इसे बनाती है।
कà¥à¤¯à¤¾ मंकीपॉकà¥à¤¸ का इलाज संà¤à¤µ है?
आम तौर पर, मंकीपॉकà¥à¤¸ à¤à¤• सà¥à¤µ-सीमित बीमारी है जिसके लकà¥à¤·à¤£ 2-4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक रहते हैं। मंकीपॉकà¥à¤¸ से पीड़ित कई लोगों को इलाज की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है और वे अपने आप ठीक हो जाते हैं। निदान के बाद, डॉकà¥à¤Ÿà¤° निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण को रोकने, लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत देने और दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯à¤• जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ के विकसित होने पर उपचार के लिठà¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ देने की कोशिश करते हà¥à¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की निगरानी करते हैं।
मंकीपॉकà¥à¤¸ का इलाज कà¥à¤¯à¤¾ है?
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में, कोई सिदà¥à¤§ मंकीपॉकà¥à¤¸-विशिषà¥à¤Ÿ उपचार नहीं है। à¤à¤‚टीवायरल दवाà¤à¤‚ मदद कर सकती हैं, लेकिन मंकीपॉकà¥à¤¸ के इलाज के रूप में उनका शोध नहीं किया गया है।
हालांकि, चूंकि चेचक और मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस आनà¥à¤µà¤‚शिक रूप से समान होते हैं, इसलिठचेचक के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाव के लिठविकसित à¤à¤‚टीवायरल दवाà¤à¤‚ और टीकाकरण का उपयोग मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोकने और इलाज के लिठकिया जा सकता है।
टेकोविरिमैट (टीपीओà¤à¤•à¥à¤¸à¤à¤•à¥à¤¸) जैसी à¤à¤‚टीवायरल दवाओं की सिफारिश उन लोगों के लिठकी जा सकती है जो गंà¤à¥€à¤° रूप से बीमार होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रखते हैं, जैसे कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ वाले रोगी।
यदि आपके पास मंकीपॉकà¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ हैं, तो आपको तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करनी चाहिà¤, à¤à¤²à¥‡ ही आपने मंकीपॉकà¥à¤¸ वाले लोगों से संपरà¥à¤• किया हो या नहीं।
मंकीपॉकà¥à¤¸ से बचाव कैसे करें?
मंकीपॉकà¥à¤¸ के लिठमà¥à¤–à¥à¤¯ रोकथाम रणनीति जोखिम कारकों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और सà¤à¥€ को उन उपायों के बारे में शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करना है जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वायरस के जोखिम को कम करने के लिठकरने चाहिà¤à¥¤ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में, मंकीपॉकà¥à¤¸ को रोकने और नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठटीकाकरण की उपयà¥à¤•à¥à¤¤à¤¤à¤¾ और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¤à¤¾ का आकलन करने के लिठअधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ चल रहे हैं।
रोकथाम संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ जानवरों के साथ मानव संपरà¥à¤• को कम करने और मानव-से-मानव पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° को सीमित करने पर निरà¥à¤à¤° करता है। मंकीपॉकà¥à¤¸ को फैलने से रोकने में मदद करने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है:
मानव-से-मानव संचरण के जोखिम को कम करना।
पà¥à¤°à¤•ोप को रोकने के लिà¤, निगरानी और नठमामलों की तेजी से पहचान महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। मंकीपॉकà¥à¤¸ के पà¥à¤°à¤•ोप के दौरान, संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के निकट संपरà¥à¤• से बचें।
घर के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ करà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को घर के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से अलग करें जो जोखिम में हो सकते हैं।
संदिगà¥à¤§/पà¥à¤·à¥à¤Ÿ वायरस संकà¥à¤°à¤®à¤£ वाले रोगियों की देखà¤à¤¾à¤² करने वाले या इन रोगियों के नमूनों को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ वाले सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ करà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मानक संकà¥à¤°à¤®à¤£ नियंतà¥à¤°à¤£ सावधानियों को लागू करना चाहिà¤à¥¤ यदि संà¤à¤µ हो तो, पहले चेचक के टीके लगाठगठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मंकीपॉकà¥à¤¸ के रोगियों की देखà¤à¤¾à¤² के लिठचà¥à¤¨à¤¾ जाना चाहिà¤à¥¤
पशà¥-से-मानव (जूनोटिक) संचरण के जोखिम को कम करना।
अधिकांश मानव संकà¥à¤°à¤®à¤£, समय के साथ, पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•, पशà¥-से-मानव पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प हà¥à¤ हैं। जंगली जानवरों के साथ असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ संपरà¥à¤• से बचना चाहिà¤, विशेष रूप से जो बीमार या मृत हैं, उनके रकà¥à¤¤, मांस और अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤—ों सहित। इसके अलावा, जानवरों के मांस या à¤à¤¾à¤—ों वाले सà¤à¥€ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को खाने से पहले अचà¥à¤›à¥€ तरह से पकाया जाना चाहिà¤à¥¤
पशॠवà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध के माधà¥à¤¯à¤® से मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस की रोकथाम
कà¥à¤› देशों ने कृनà¥à¤¤à¤•ों और गैर-मानव पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤Ÿ के आयात को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित करने वाले नियम बनाठहैं। कैद में रहने वाले जानवर जो संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनà¥à¤¯ जानवरों से अलग किया जाना चाहिठऔर तà¥à¤°à¤‚त संगरोध में रखा जाना चाहिà¤à¥¤ कोई à¤à¥€ जानवर जो संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ जानवर के संपरà¥à¤• में आया हो, उसे à¤à¥€ कà¥à¤µà¤¾à¤°à¤‚टाइन किया जाना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मानक सावधानियों के साथ संà¤à¤¾à¤²à¤¾ जाना चाहिठऔर 30 दिनों के लिठमंकीपॉकà¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के लिठमनाया जाना चाहिà¤à¥¤
टीकाकरण
यूà¤à¤¸-बैड सेंटर फॉर डिजीज कंटà¥à¤°à¥‹à¤² à¤à¤‚ड पà¥à¤°à¤¿à¤µà¥‡à¤‚शन (सीडीसी) उन लोगों के लिठटीकाकरण की सिफारिश करता है जो मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस के संपरà¥à¤• में आठहैं और à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मंकीपॉकà¥à¤¸ के संपरà¥à¤• में आने का अधिक खतरा है, साथ ही:
जिन लोगों की पहचान सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ अधिकारियों ने मंकीपॉकà¥à¤¸ वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• के रूप में की थी।
à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जो मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस के संपरà¥à¤• में आ सकते थे, जिनमें शामिल हैं:
लोगों को पता चलता है कि उनके यौन साथी को पिछले 2 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में मंकीपॉकà¥à¤¸ का पता चला था।
पिछले 2 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में जà¥à¤žà¤¾à¤¤ मंकीपॉकà¥à¤¸ संकà¥à¤°à¤®à¤£ वाले कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में कई यौन साथी रखने वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¥¤
नौकरियों में लगे लोग जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‰à¤•à¥à¤¸à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸ के संपरà¥à¤• में ला सकते हैं, जैसे:
लैब करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ जो ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‰à¤•à¥à¤¸à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸ के लिठपरीकà¥à¤·à¤£ करते हैं।
लैब करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ जो संसà¥à¤•ृतियों या जानवरों को ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‰à¤•à¥à¤¸à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸ के साथ संà¤à¤¾à¤²à¤¤à¥‡ हैं।
कà¥à¤› नामित सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा या सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¥¤
मंकीपॉकà¥à¤¸ को लेकर हमें कितना चिंतित होना चाहिà¤?
अब तक रिपोरà¥à¤Ÿ किठगठपà¥à¤°à¤•ोप असामानà¥à¤¯ रहे हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे उन देशों में हो रहे हैं जहां मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस नियमित रूप से पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ नहीं होता है। रिपोरà¥à¤Ÿ किठगठअधिकांश मामले सà¥à¤ªà¥‡à¤¨, पà¥à¤°à¥à¤¤à¤—ाल, यूके और यूà¤à¤¸ में पाठगठहैं।
हालाà¤à¤•ि, इस वायरस के संचरण का तरीका COVID-19 या खसरा जैसे à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¥‡à¤¶à¤¨ घटकों वाले वायरस की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में इसे रोकने और नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठबहà¥à¤¤ आसान है।
COVID-19 के जवाब में रोग की रोकथाम की रणनीतियाà¤, जैसे मासà¥à¤•िंग, सामाजिक दूरी, वेंटिलेशन बढ़ाना और बीमार होने पर घर में रहना à¤à¥€ मंकीपॉकà¥à¤¸ के खिलाफ मदद कर सकता है। हाथ की सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ à¤à¥€ à¤à¤• कà¥à¤‚जी है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह à¤à¤• डीà¤à¤¨à¤ वायरस है, जो सतहों पर जीवित रहने के लिठबेहतर अनà¥à¤•ूल है।
निषà¥à¤•रà¥à¤·
कई देशों में मंकीपॉकà¥à¤¸ के मामले बढ़ते जा रहे हैं। रोग चेचक के समान है लेकिन कम गंà¤à¥€à¤° है। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना ​​है कि मंकीपॉकà¥à¤¸ वायरस वाले शारीरिक तरल पदारà¥à¤¥ के संपरà¥à¤• में आने से फैलता है, न कि हवा के माधà¥à¤¯à¤® से, जैसे कि COVID-19 या खसरा।
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का यह à¤à¥€ कहना है कि अà¤à¥€ चिंता की कोई बात नहीं है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि चेचक के खिलाफ टीके और उपचार कà¥à¤› हद तक संकà¥à¤°à¤®à¤£ के खिलाफ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ हैं। इसके अलावा, COVID-19 के खिलाफ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाने वाली रणनीतियाà¤, जैसे सामाजिक दूरी और हाथ की अचà¥à¤›à¥€ सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾, à¤à¥€ इस बीमारी को रोकने में मदद कर सकती हैं।
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